जो काम सरकारे नहीं कर रही, वो काम कर रहे सोनू सूद

 

इस समय पूरा देश कोरोना वायरस से लड़ाई लड़ रहा है. लेकिन कोरोना वायरस का कहर खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सरकारे नाकाम होती दिख रही है. लेकिन लोगों के हौसले भी बुलंद हैं. सायद सरकारे हार गई है लेकिन मजदूर अब भी हारा नहीं है. सरकार मदद नहीं कर रही तो मजदूर पैदल ही अपने घरों की और चल दिए है. खैर सरकारे मदद करेंगी भी कैसे उनको अपनी राजनीति में समय नहीं है. नेता लोग अब मजदूरों के नाम पर भी राजनीति करने लगे है. उनको मजदूरों की पीड़ा से कोई मतलब नहीं है क्योकि उनकी दुकान चल पड़ी है. और दूसरी तरफ मजदूर अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ रहा है। सायद अब उनका भगवन ही मालिक है. और हो भी ऐसा ही रहा है. इस समय मजदूर जिनको भगवन मान रहे है वो है सोनू सूद. सोनू सूद दिल खोल कर इस लॉकडाउन में लोगों की सहायता कर रहे हैं.

आपको बता दे कि मजदूर पैदल ही घर को बढ़ रहे हैं. ऐसे में सोनू सूद ने मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने का बीड़ा उठाया है. सोनू सूद इस समय लोगों घर पहुंचने के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं. जहां सरकार नाकाम हो गई है और पार्टिया गंदी राजनीति कर रही है. वही सोनू सूद लोगों के बिच मसीहा बन गए है. सोनू ने सोशल मीड‍िया प्लेटफॉर्म ट्व‍िटर के जर‍िए घर जाने वाले बेबस लोगों से संपर्क किया और उनकी मदद कर रहे है. ट्विटर पर ऐसे ही बहुत से ट्वीट आ रहे है जिनकी सोनू सूद लगातार मदद कर रहे है.

दरअसल, मूल रूप से बिहार के रहने वाले एक व्यक्त‍ि ने ट्वीट कर बताया कि वे लोग पास के लिए पुलिस चौकी के कई चक्कर लगा चुके हैं. अभी वे धारावी में रहते हैं. लेकिन मदद के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं. उस व्यक्त‍ि के ट्वीट पर सोनू ने उसे अपना डिटेल भेजने के लिए कहा है. सोनू ने लिखा- 'भाई चक्कर लगाना बंद करो और रिलैक्स करो. दो दिन में बिहार में अपने घर का पानी पियोगे, डिटेल्स भेजो'.

वही एक व्यक्ति ने लिखा- सर प्लीज हेल्प, हमे ईस्ट UP में कहीं भी छोड़ दो फिर हम वहाँ से अपने गांव पैदल चले जायेंगे। इसपर सोनू सूद ने लिखा - पैदल क्यों जाओगे दोस्त?? नम्बर भेजो। बता की सोनू सूद ऐसे ही हजारो लोगो की मदद कर रहे है.

रोज 45 हजार लोगों को ख‍िलाया खाना

बता दे कि सोनू ने इससे पहले भी बिहार के कई मजदूरों को उनके घर पहुंचाया. ट्विटर के माध्यम से भी जो लोग उनसे संपर्क कर रहे हैं, सोनू हर किसी की मदद कर रहे हैं. उन्होंने मुंबई के जुहू स्थ‍ित होटल के दरवाजे भी मेड‍िकल वर्कर्स के लिए खोले. इसके पहले जब देश में लॉकडाउन लगा तो उन्होंने अपने पिता शक्ति सागर सूद के नाम पर एक स्कीम लॉन्च की थी जिसके तहत वो रोज 45 हजार लोगों को हर रोज खाना खिला रहे थे.

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