केंद्र सरकार ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' को लेकर किया बड़ा ऐलान

 

केंद्र सरकार ने 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' को लेकर शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया है. 'एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना' की ताजा स्थिति पर उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि देशभर के नागरिक अपने हिस्से का राशन देश के किसी भी राशन की दुकान से ले सकें, इसके लिए देश में वन नेशन-वन राशनकार्ड की सुविधा लागू की जा रही है. यह योजना अब तक आन्ध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, त्रिपुरा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दमण-दीव सहित 17 राज्यों में लागू हो चुकी है. जून 2020 तक ओडिशा, नागालैंड और मिजोरम राज्यों के जुड़ जाने से देश के कुल 20 राज्यों में यह योजना कार्यान्वित हो जाएगी. पासवान ने कहा कि 1 अगस्त 2020 को उत्तराखण्ड, सिक्किम और मणिपुर सहित 3 और राज्य इस योजना से जुड़ जाएंगे.

समीक्षा बैठक में पासवान ने दिए निर्देश

बता दें कि शुक्रवार को पासवान ने कोविड-19 को लेकर NFSA, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY), आत्मनिर्भर भारत पैकेज और वन नेशन वन राशनकार्ड की प्रगति की समीक्षा की और इन सभी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने पर चर्चा की. पूरे देश में 31 मार्च 2021 तक यह योजना लागू हो जाएगी. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य मंत्रियों और खाद्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएं.

8 करोड़ प्रवासियों और फंसे हुए मजदूरों को मुफ्त भोजन

शुक्रवार को मंत्रालय ने बताया कि आत्म-निर्भर भारत पैकेज पर 8 करोड़ प्रवासियों और फंसे हुए मजदूरों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराने के लिए आत्म-निर्भर भारत’ पैकेज के अधीन भारत सरकार द्वारा 08 लाख टन गेहूं/चावल तथा 39000 मिट्रिक टन दालों का आवंटन जारी किया गया है. ऐसे प्रवासी या फंसे हुए मजदूर जो न तो NFSA के अधीन आते हैं और न ही वे राज्य की किसी अन्य पीडीएस स्कीम के अधीन कवर किए गए हैं उनको इस योजना से काफी लाभ मिला है.

इन 8 करोड़ प्रवासियों के लिए 2 माह अर्थात् मई और जून, 2020 के लिए प्रति व्यक्ति प्रति माह निशुल्क पांच किलोग्राम गेहूं/चावल और उनके 1.96 करोड़ परिवारों के लिए प्रति परिवार प्रति माह के हिसाब से एक किलोग्राम चना वितरित किया जा रहा है. वितरण का यह कार्य 15 जून, 2020 से पहले पूरा होने की उम्मीद है. इस मद में 3500 करोड़ रुपए का व्यय होगा, जिसे केन्द्र सरकार वहन कर रही है.

17 राज्यों ने आत्म-निर्भर भारत स्कीम के अधीन खाद्यान्नों का उठाव शुरू

केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि राज्य सरकारों पर इसकी कोई लागत नहीं डाली जाएगी. अब तक 17 राज्यों ने आत्म-निर्भर भारत स्कीम के अधीन खाद्यान्नों का उठाव शुरू कर दिया है और तमिलनाडु, हरियाणा तथा त्रिपुरा ने इस स्कीम के तहत वितरण भी शुरू कर दिया है. इस स्कीम के तहत किए गए वितरण के लिए लाभार्थियों की सूची अग्रिम देने की आवश्यकता नहीं है. इस योजना के तहत वितरण किए गए खाद्यान्न और चना वितरण की रिपोर्ट 15 जुलाई तक भेजने का आग्रह किया गया है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना PMGKAY की अद्यतन स्थिति की चर्चा करते हुए केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि PMGKAY के अधीन 80 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों के लिए सभी राज्यों को अप्रैल से जून 2020 तक की तीन माह की अवधि के लिए निशुल्क पांच किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिमाह अतिरिक्त खाद्यान्न और एक किलोग्राम प्रति परिवार प्रतिमाह चना/दाल वितरित किया जा रहा है. PMGKAY के अधीन कुछ राज्यों को छोड़कर लगभग सभी राज्यों द्वारा अप्रैल, 2020 माह के लिए 90% से अधिक खाद्यान्न का वितरण कर दिया गया है.

PMGKAY के अधीन अब तक मई 2020 के लिए लगभग 61% खाद्यान्न का वितरण राज्यों द्वारा कर दिया गया है. PMGKAY के तहत कुल दाल की आवश्यकता अगले तीन माह के लिए 5.87 LMT है. भारत सरकार इस योजना का शत-प्रतिशत वित्तीय भार वहन कर रही है, जो लगभग 5000 करोड़ रुपए है.

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