ईरान पर अमेरिका-इजरायल का बड़ा हमला: 3000 टारगेट ध्वस्त
अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया है, जिसमें 3000 से अधिक टारगेट को ध्वस्त किया गया है। इस हमले की शुरुआत रात 10 बजे से पहले हुई, जब ईरान के विभिन्न ठिकानों पर बम बरसाए गए।
क्या हुआ?
ईरान के मेहराबाद हवाई अड्डे और मिसाइल लॉन्चर फैक्ट्रियों समेत 360 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। यह हमला ईरान के खिलाफ बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि यह एक रणनीतिक कदम है।
संबंधित खबर: ईरान में भूकंप ने बढ़ाई युद्ध की आशंकाएं, 4.1 तीव्रता के झटके
कब और कहां?
यह हमला रात 10 बजे से पहले प्रारंभ हुआ और यह ईरान की राजधानी तेहरान तथा उसके आस-पास के क्षेत्रों में किया गया।
क्यों और कैसे?
अमेरिका का कहना है कि यह हमले ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई पिछले कुछ दिनों में ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में की गई है।
किसने किया?
यह हमले अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई का परिणाम है। दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि इस हमले का उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना है।
“यह हमला ईरान के लिए एक चेतावनी है कि उनकी गतिविधियों को सहन नहीं किया जाएगा,” एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा।
ध्वस्त किए गए ठिकानों में सैन्य अड्डे, मिसाइल फैक्ट्रियां और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे शामिल हैं। इस हमले के बाद तेहरान में धुएं का गुबार और चीखते लोग देखे जा रहे हैं।
भविष्य का दृष्टिकोण
इस हमले के बाद, संभावना है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ेगा। विश्लेषक मानते हैं कि ईरान इस हमले का जवाब देने की कोशिश करेगा, जिससे मध्य पूर्व में स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

