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US-Iran युद्ध के बीच बाजार में गिरावट, DIIs ने 8 दिन में खरीदे ₹58000 करोड़ के शेयर

बाजार में उथल-पुथल

हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजार में हलचल मचा दी है। इस संघर्ष के कारण, निवेशकों में चिंता का माहौल बना हुआ है, जिससे भारतीय शेयर बाजार भी प्रभावित हुआ है। पिछले कुछ दिनों में, खासकर जब से अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की घोषणा की, तब से बाजार में गिरावट देखने को मिली है। इस स्थिति के बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने सक्रियता दिखाते हुए मात्र 8 दिन में ₹58000 करोड़ के शेयर खरीदे हैं।

कब और क्यों हुआ यह बदलाव?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिका ने ईरान के एक शीर्ष कमांडर को मार गिराया। इसके बाद से ईरान ने प्रतिशोध की धमकी दी है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ गई। भारतीय बाजार में भी निवेशक डरकर भागने लगे हैं। लेकिन इस माहौल में, DIIs ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए बड़ी मात्रा में शेयर खरीदे हैं। यह एक रणनीतिक कदम है ताकि वे गिरते बाजार में अपने पोर्टफोलियो को मजबूत कर सकें।

DIIs की खरीदारी का प्रभाव

DIIs द्वारा की गई इस खरीदारी का भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जब बाजार में गिरावट होती है और बड़े निवेशक खरीदारी करते हैं, तो इससे अन्य निवेशकों का विश्वास बढ़ता है। यह विश्वास बाजार को स्थिर करने में मदद कर सकता है। इससे छोटे निवेशकों को भी प्रेरणा मिलती है कि उन्हें अपने निवेश को बनाए रखना चाहिए।

विशेषज्ञों की राय

मार्केट एनालिस्ट संजय शर्मा का कहना है, “जब भी बाजार में गिरावट आती है, तब बड़े निवेशक हमेशा ऐसे अवसरों का फायदा उठाते हैं। यह एक दीर्घकालिक रणनीति है। यदि DIIs ने ₹58000 करोड़ के शेयर खरीदे हैं, तो इसका मतलब है कि वे भविष्य में बाजार के सुधार की उम्मीद कर रहे हैं।”

आगे का रास्ता

आने वाले दिनों में, अगर अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति और बिगड़ती है, तो यह बाजार को और प्रभावित कर सकता है। लेकिन यदि DIIs की खरीदारी जारी रहती है, तो यह बाजार को स्थिरता प्रदान कर सकता है। निवेशकों को चाहिए कि वे इस दौरान अपने निवेश को लेकर सतर्क रहें और विशेषज्ञों की सलाह लें।

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