चैत्र नवरात्रि 2026 आज से शुरू, जानें कलश स्थापना का सही समय और कन्या पूजन की तिथि

चैत्र नवरात्रि 2026 का पर्व आज से प्रारंभ हो रहा है। हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है, जहाँ देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इस वर्ष चैत्र नवरात्रि 2026 का पहला दिन 22 मार्च को है और यह 30 मार्च तक चलेगा।
क्या है चैत्र नवरात्रि?
चैत्र नवरात्रि का पर्व हर साल चैत मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होता है। यह पर्व देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का प्रतीक है। इस दौरान भक्तजन उपवास रखते हैं, और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस बार नवरात्रि का पर्व विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कलश स्थापना का समय
इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 22 मार्च को सुबह 6:14 बजे से लेकर 7:28 बजे तक है। इस समय के बीच में श्रद्धालुओं को कलश स्थापना करनी चाहिए। कलश स्थापना के बाद, भक्तजन देवी की आराधना में लीन हो जाएंगे।
कन्या पूजन की तिथि
कन्या पूजन का आयोजन 30 मार्च को किया जाएगा। इस दिन विशेष रूप से नौ दिनों के उपवास के बाद देवी दुर्गा की पूजा के साथ-साथ कन्याओं को बुलाकर उनका पूजन किया जाता है। कन्या पूजन का महत्व इस लिए भी है क्योंकि इसे देवी दुर्गा के स्वरूप के रूप में देखा जाता है।
पारंपरिक समर्पण और धार्मिक महत्व
इस दौरान भक्तजन विभिन्न प्रकार के अनुष्ठान और पूजा विधियों का पालन करते हैं। चैत्र नवरात्रि में विशेष रूप से देवी दुर्गा के लिए हवन और भोग अर्पित किए जाते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। भक्तजन एकत्र होकर सामूहिक पूजा करते हैं, जिससे समाज में भाईचारे की भावना बढ़ती है।
विशेषज्ञों की राय
धार्मिक मामलों के विशेषज्ञ पंडित रामकृष्ण ने बताया, “चैत्र नवरात्रि में पूजा का महत्व बहुत अधिक है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं का भी प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा कि, “इस पर्व के दौरान लोग अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर अच्छे कार्यों का संकल्प लेते हैं।”
आगे की संभावनाएँ
इस वर्ष नवरात्रि का पर्व विशेष रूप से उत्साह और धूमधाम से मनाया जाएगा। कोविड-19 के बाद अब लोग अधिक खुलकर सामाजिक आयोजनों में भाग ले रहे हैं। इससे न केवल लोगों के बीच एकता बढ़ेगी, बल्कि यह पर्व समाज में सकारात्मकता और खुशहाली भी लाएगा।
इस प्रकार, चैत्र नवरात्रि 2026 का पर्व न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। सभी भक्तों को इस अवसर पर अपनी श्रद्धा और भक्ति के साथ देवी दुर्गा की आराधना करनी चाहिए।



