आपने तन्हाई को संसद में खड़ा कर दिया, पति राघव चड्ढा ने पैटरनिटी लीव पर उठाई आवाज, परिणीति चोपड़ा उछलीं

पैटरनिटी लीव की आवश्यकता पर जोर
हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने संसद में पैटरनिटी लीव के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह समय है जब समाज को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “आपने तन्हाई को संसद में खड़ा कर दिया है,” यह दर्शाते हुए कि पिता के लिए भी परिवार की जिम्मेदारियों को निभाना आवश्यक है।
क्या हुआ, कब और कहां?
यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब राघव चड्ढा ने संसद में एक बयान दिया, जिसके बाद उनकी पत्नी, बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त की। चड्ढा ने कहा कि पिता बनने के बाद पुरुषों को भी पैटरनिटी लीव मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने परिवार के साथ इस महत्वपूर्ण समय को साझा कर सकें।
क्यों जरूरी है पैटरनिटी लीव?
राघव चड्ढा का कहना है कि पिता की भूमिका सिर्फ आर्थिक नहीं होती, बल्कि भावनात्मक और मानसिक रूप से भी महत्वपूर्ण होती है। वे कहते हैं, “कई बार पुरुषों को परिवार में अपनी भागीदारी दिखाने के लिए समय नहीं मिलता, और यही कारण है कि पैटरनिटी लीव की आवश्यकता है।” इससे न केवल परिवार, बल्कि समाज भी प्रभावित होता है।
समाज पर प्रभाव
पैटरनिटी लीव का मुद्दा केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि सामाजिक है। जब पिता अपने बच्चों के साथ समय बिताते हैं, तो इससे बच्चों की मानसिकता और विकास पर सकारात्मक असर पड़ता है। यह समाज में समानता को बढ़ावा देता है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी?
विशेषज्ञों की राय
शिक्षा और सामाजिक कार्यों में विशेषज्ञता रखने वाले डॉ. अनूप शर्मा कहते हैं, “पैटरनिटी लीव का होना आवश्यक है, क्योंकि यह पिता और बच्चे के संबंध को मजबूत करता है।” उनके अनुसार, इससे बच्चों में आत्मविश्वास और सामाजिक कौशल भी विकसित होते हैं।
आगे का रास्ता
राघव चड्ढा के इस बयान के बाद, यह देखना होगा कि क्या सरकार इस दिशा में कोई नीति बनाती है। समाज में इस मुद्दे पर जागरूकता बढ़ना भी जरूरी है। अगर सही तरीके से कदम उठाए जाएं, तो यह बदलाव समाज के लिए लाभदायक साबित हो सकता है।



