National

LIVE: ‘जैसी सबकी अलग प्रथा, वैसी सबरीमाला की भी…’, SG तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में क्या-क्या तर्क दिए

सुप्रीम कोर्ट में सबरीमाला मंदिर प्रथा का मामला

भारतीय न्यायपालिका में सबरीमाला मंदिर के मुद्दे पर बहस एक बार फिर गरमा गई है। इस मामले में भारत के महाधिवक्ता, तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान यह तर्क दिया कि ‘जैसी सबकी अलग प्रथा, वैसी सबरीमाला की भी’। इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने धार्मिक प्रथाओं और उनके संरक्षण के महत्व को उजागर किया।

क्या है सबरीमाला का विवाद?

सबरीमाला मंदिर, जो कि केरल में स्थित है, महिलाओं के प्रवेश को लेकर लंबे समय से विवाद का केंद्र रहा है। यहाँ एक विशेष प्रथा है जिसमें 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति नहीं है। पिछले कुछ वर्षों में इस पर कई बार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है।

महाधिवक्ता के तर्क

तुषार मेहता ने अपने तर्क में कहा कि हर धार्मिक प्रथा का अपना एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व होता है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक स्थल की प्रथाओं का सम्मान करना आवश्यक है। उनका कहना था कि हर समुदाय की अपनी मान्यताएँ होती हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अपनी पूर्व की सुनवाई में यह कहा था कि धार्मिक प्रथाओं का सम्मान जरूरी है लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यह प्रथाएँ किसी के अधिकारों का उल्लंघन न करें। इस संबंध में कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने अपनी आवाज उठाई है।

समाज पर प्रभाव

इस मामले का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। यदि सुप्रीम कोर्ट इस प्रथा को बरकरार रखता है, तो यह धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार को और मजबूत करेगा। लेकिन यदि यह प्रथा खत्म होती है, तो यह महिलाओं के अधिकारों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

विशेषज्ञों की राय

कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले में संतुलन बनाना बहुत आवश्यक है। सामाजिक वैज्ञानिक डॉ. राधिका ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि धार्मिक प्रथाएँ महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन न करें।”

आगे की संभावनाएँ

आगे चलकर, यदि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में कोई निर्णायक फैसला सुनाता है, तो यह अन्य धार्मिक स्थलों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है। इससे ना केवल महिलाओं के अधिकारों को बल मिलेगा, बल्कि समाज में समानता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Priya Sharma

प्रिया शर्मा एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों की संवाददाता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद वे पिछले 8 वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button