क्या ईरान युद्ध रुकने के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट बंद रहेगा? ट्रंप की धमकी के बीच IRGC का ‘गल्फ ऑर्डर प्लान’ तैयार, बढ़ेगी रार!

पृष्ठभूमि
हाल ही में, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक, होर्मुज स्ट्रेट का ध्यान आकर्षित किया है। इस जलमार्ग के माध्यम से विश्व के लगभग 20% तेल का निर्यात होता है, और इसकी सुरक्षा का मुद्दा वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने एक नया ‘गल्फ ऑर्डर प्लान’ तैयार किया है, जिसे ट्रंप प्रशासन की हालिया धमकियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
क्या हो रहा है?
IRGC ने हाल ही में एक योजना का खुलासा किया है जिसके तहत वे इस जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर अपने कदम उठाने की तैयारी कर रहे हैं। यह योजना उस समय आई है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरान ने किसी भी तरह की उकसावे की कार्रवाई की, तो अमेरिका तुरंत प्रतिक्रिया देगा। इस संदर्भ में, IRGC का यह नया कदम अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा सकता है।
कब और क्यों?
यह योजना हाल के महीनों में बढ़ते तनाव के बीच अप्रैल 2023 में सामने आई है। ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम का विस्तार किया है, जिसके चलते अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इस पर कड़ी नजर रखी है। IRGC का यह प्लान ईरान की सुरक्षा और उसकी रणनीतिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसके अलावा, यह भी एक संदेश है कि ईरान किसी भी प्रकार की विदेशी दबाव को सहन नहीं करेगा।
इसका प्रभाव
इस स्थिति का आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा? सबसे पहले, होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से होने वाले तेल परिवहन में रुकावट आ सकती है, जिससे वैश्विक तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। यदि तनाव बढ़ता है, तो इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ेगी। विशेषज्ञ बताते हैं कि यदि ईरान और अमेरिका के बीच टकराव होता है, तो इसका असर न केवल पश्चिम एशिया बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
विशेषज्ञों की राय
राजनैतिक विशेषज्ञ डॉ. अजय चौधरी का मानना है कि “ईरान का यह कदम एक तरह से अपनी शक्ति प्रदर्शन करने का माध्यम है। वे यह दिखाना चाहते हैं कि वे अमेरिका के दबाव में नहीं आ सकते।” वहीं, अंतरराष्ट्रीय संबंधों के जानकार प्रोफेसर राधिका मेहता का कहना है कि “इस तरह की योजनाएं तनाव को और बढ़ा सकती हैं, और यह जरूरी है कि सभी पक्ष संयम बरतें।”
आगे क्या हो सकता है?
आने वाले दिनों में स्थिति और भी जटिल हो सकती है। यदि ट्रंप प्रशासन ने ईरान के खिलाफ कोई कठोर कदम उठाया, तो इसका प्रतिरोध ईरान द्वारा किया जा सकता है। इसके परिणामस्वरूप, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षा स्थिति और बिगड़ सकती है। इसलिए, वैश्विक समुदाय को इस स्थिति पर कड़ी नजर रखनी होगी और सभी पक्षों को वार्ता के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए।



