National

सहमति से तलाक के बाद जीवनसाथी सहमति वापस नहीं ले सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

हाल ही में, भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है जिसमें कहा गया है कि आपसी सहमति से तलाक के लिए किए गए समझौते को एक बार स्वीकार करने के बाद कोई भी जीवनसाथी अपनी सहमति वापस नहीं ले सकता। यह निर्णय एक मामले पर आधारित था जिसमें दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से तलाक के लिए समझौता किया था, लेकिन बाद में एक पक्ष ने अपनी सहमति वापस लेने की कोशिश की।

कब और कहां हुआ यह फैसला?

यह घटना उस समय की है जब एक दंपति ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें तलाक के साथ-साथ संपत्ति के वितरण का भी उल्लेख किया गया था। मामला उच्चतम न्यायालय में पहुंचा और न्यायालय ने 18 अक्टूबर 2023 को इस पर सुनवाई की।

फैसले की पृष्ठभूमि

इस निर्णय का आधार भारतीय परिवार कानून है, जिसमें यह कहा गया है कि अगर दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी समझौते पर पहुंचते हैं तो उस पर अमल करना अनिवार्य है। न्यायालय ने कहा कि एक बार जब समझौते पर हस्ताक्षर हो जाते हैं, तो किसी भी पक्ष को उसे बदलने या रद्द करने का अधिकार नहीं होता।

निर्णय का असर

इस फैसले का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा। तलाक के मामलों में जहां अक्सर विवाद होते हैं, इस निर्णय से दोनों पक्षों को अपने समझौतों का सम्मान करने का संदेश मिलेगा। यह निर्णय उन लोगों के लिए भी एक चेतावनी है जो तलाक के बाद अपनी सहमति को बदलने की कोशिश कर सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

इस विषय पर बात करते हुए, कानून के जानकार और परिवार न्याय विशेषज्ञ, अधिवक्ता सुमित शर्मा ने कहा, “यह निर्णय न केवल कानूनी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक संकेत है। इससे तलाक के मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी और दोनों पक्षों की जिम्मेदारी सुनिश्चित होगी।”

आगे क्या हो सकता है?

आगे चलकर, इस निर्णय से संबंधित मामलों में और भी स्पष्टता आ सकती है। इससे म्यूचुअल डिवोर्स के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि लोग अब समझौते को गंभीरता से लेंगे। इसके अलावा, यह निर्णय समाज में तलाक के प्रति लोगों की सोच में बदलाव लाने में भी सहायक हो सकता है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Priya Sharma

प्रिया शर्मा एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों की संवाददाता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद वे पिछले 8 वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button