Bengal Chunav Results 2026 LIVE: ‘EVM स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे 4 घंटे तक बंद’, भागे-भागे पहुंचे TMC के नेता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणामों के बीच एक नया विवाद उभरकर सामने आया है। चुनाव परिणामों की घोषणा के समय, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने आरोप लगाया है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्ट्रॉन्ग रूम में CCTV कैमरे लगभग चार घंटे तक बंद रहे। इस घटना ने चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या हुआ?
चुनाव परिणामों के दौरान, TMC के नेताओं ने यह दावा किया कि EVM स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षा कैमरे बंद होने के कारण उन्हें संदेह हुआ कि मतगणना में अनियमितताएं हो सकती हैं। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि जब उन्हें इस बारे में जानकारी मिली, तो वे तुरंत स्ट्रॉन्ग रूम की ओर दौड़ पड़े।
कब और कहां?
यह घटना पश्चिम बंगाल के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव परिणामों के जारी होने के दौरान हुई। 2026 के विधानसभा चुनाव के परिणामों की घोषणा 2 मई को होनी थी, लेकिन इससे पहले ही यह विवाद सामने आ गया।
क्यों और कैसे?
TMC के नेताओं का कहना है कि इस तरह की स्थिति चुनाव के निष्कर्षों को प्रभावित कर सकती है। पार्टी ने चुनाव आयोग से मांग की है कि मामले की जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि मतगणना की प्रक्रिया में कोई खोट न हो। वहीं, चुनाव आयोग ने इन आरोपों की जांच करने का आश्वासन दिया है।
पार्टी का रुख और प्रतिक्रिया
TMC के महासचिव और मंत्री पार्थ चटर्जी ने कहा, “हमने चुनाव आयोग को इस मामले की गंभीरता से अवगत कराया है। अगर कोई भी अनियमितता पाई जाती है, तो हम इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।” यह बयान पार्टी के बढ़ते संदेह को दर्शाता है और इसे चुनावी प्रक्रिया के प्रति लोगों के विश्वास को प्रभावित कर सकता है।
आम लोगों पर प्रभाव
इस घटना का आम लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठने से मतदाता का विश्वास हिल सकता है। चुनावों में पारदर्शिता बनाए रखना लोकतंत्र के लिए आवश्यक है, और इस तरह के विवाद से मतदाताओं की भागीदारी में कमी आ सकती है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सुभाष चक्रवर्ती का कहना है, “चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। अगर यह साबित होता है कि EVM में कोई गड़बड़ी हुई है, तो यह चुनावी राजनीति में एक बड़ा संकट उत्पन्न कर सकता है।”
भविष्य की संभावनाएं
आगे क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। चुनाव आयोग की जांच के परिणाम क्या होंगे, यह महत्वपूर्ण है। अगर जांच में कोई अनियमितता पाई जाती है, तो भविष्य में चुनावी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही, TMC की इस घटना को लेकर की गई मांगों का क्या असर होगा, यह भी ध्यान देने योग्य है।
इस प्रकार, बंगाल के चुनाव परिणामों के बीच उठे इस विवाद ने एक बार फिर चुनावी प्रक्रिया के प्रति लोगों के विश्वास को चुनौती दी है।



