National

‘अजमेर दरगाह और साईं बाबा मंदिर भी तो…’ CJI सूर्यकांत के समक्ष तुषार मेहता ने हिन्दू धर्म पर जताया डर

अजमेर दरगाह और साईं बाबा मंदिर का संदर्भ

हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में हुई एक सुनवाई के दौरान, अटॉर्नी जनरल तुषार मेहता ने हिन्दू धर्म के प्रति अपने डर का इज़हार किया। उनका यह बयान तब आया जब उन्होंने अजमेर दरगाह और साईं बाबा मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों का उल्लेख किया। उनका कहना था कि धार्मिक स्थलों के प्रति समाज में बढ़ती असहिष्णुता चिंता का विषय है।

कब और कहां हुआ यह बयान?

यह घटना 10 अक्टूबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट में हुई। तुषार मेहता ने एक मामले के दौरान यह टिप्पणी की, जहां धार्मिक स्थलों से जुड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। उनकी चिंता मुख्य रूप से उन घटनाओं से जुड़ी थी, जहां विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच विवाद उत्पन्न हुए हैं।

क्या है तुषार मेहता की चिंता?

तुषार मेहता ने कहा कि ऐसे कई मामले हैं जहां धार्मिक स्थलों पर लोगों के बीच टकराव हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से अजमेर दरगाह और साईं बाबा मंदिर का उदाहरण दिया, जहाँ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के मामलों की वृद्धि देखी गई है। उनके अनुसार, यह केवल हिन्दू धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।

पिछले घटनाक्रम का संदर्भ

पिछले कुछ वर्षों में भारत में धार्मिक स्थलों पर कई विवाद हुए हैं। जैसे कि अयोध्या में राम मंदिर का मामला, जहाँ वर्षों तक कानूनी लड़ाई चली, और जहां अब ग्राउंड लेवल पर भी तनाव बना हुआ है। ऐसे में तुषार मेहता का बयान एक महत्वपूर्ण संकेत है कि हमें धार्मिक सहिष्णुता की दिशा में और प्रयास करने की आवश्यकता है।

इसका आम लोगों पर असर

तुषार मेहता का यह बयान समस्त समाज के लिए एक चेतावनी है। धार्मिक स्थलों पर बढ़ते विवाद से आम जनता में भय और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। जब विभिन्न धर्मों के अनुयायी आपस में टकराते हैं, तो इसका सीधा असर समाज के सौहार्द पर पड़ता है।

विशेषज्ञों की राय

इस विषय पर बात करते हुए धार्मिक विशेषज्ञ डॉ. रामेश्वर त्रिपाठी ने कहा, “हमें चाहिए कि हम सभी धर्मों के अनुयायियों के बीच संवाद बढ़ाएं। इससे न केवल आपसी समझ बनेगी, बल्कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।”

आगे क्या हो सकता है?

इस घटनाक्रम के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकता है। साथ ही, सरकार को भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभानी होगी, ताकि धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा दिया जा सके।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Priya Sharma

प्रिया शर्मा एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों की संवाददाता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद वे पिछले 8 वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button