Bada Mangal 2026: पहला बड़ा मंगल आज, जानें कैसे करें हनुमान जी की पूजा और शुभ मुहूर्त

क्या है बड़ा मंगल?
बड़ा मंगल एक धार्मिक अवसर है जो विशेष रूप से हनुमान जी की पूजा के लिए मनाया जाता है। यह दिन हर साल मंगलवार को आता है और हिंदू धर्म में इसे बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भक्तजन हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं, जिससे उनके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। इस वर्ष, पहला बड़ा मंगल 2026 में आज मनाया जा रहा है।
कब है बड़ा मंगल?
इस वर्ष का पहला बड़ा मंगल 17 अक्टूबर 2026 को है। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार विशेष महत्व रखती है। इस दिन भक्तजन सवेरे से ही हनुमान जी की पूजा करने के लिए तैयार रहते हैं।
कहां और कैसे करें पूजा?
पूजा के लिए भक्तों को अपने घरों में या नजदीकी हनुमान मंदिर में जाना चाहिए। पूजा की विधि कुछ इस प्रकार है:
- सबसे पहले, एक साफ स्थान पर हनुमान जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- तब, लाल वस्त्र बिछाकर, उसके ऊपर हनुमान जी की मूर्ति रखें।
- अब, हनुमान चालीसा का पाठ करें और उसके बाद उन्हें चोला चढ़ाएं।
- बड़े मंगल के दिन, भक्तजन विशेष रूप से उबले चने और गुड़ का भोग चढ़ाते हैं।
- अंत में, आरती करके अपनी मनोकामनाएं हनुमान जी से मांगें।
शुभ मुहूर्त और मन्त्र
इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6:00 से 8:00 बजे तक है। इस समय हनुमान जी की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। साथ ही, “राम भक्त हनुमान” और “जय हनुमान ज्ञान गुण सागर” जैसे मन्त्र का जाप करें।
इस दिन का महत्व
बड़ा मंगल केवल धार्मिक दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस दिन हनुमान जी की आराधना करने से भक्तों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कई लोग मानते हैं कि इस दिन की पूजा से जीवन में आने वाली परेशानियों का हल निकल सकता है।
विशेषज्ञों की राय
धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ा मंगल भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। “इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से न केवल व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति आती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है,” कहते हैं पंडित रामकृष्ण।
आगे की संभावनाएं
बड़ा मंगल केवल धार्मिक पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह समाज को एकजुट करने का भी अवसर है। भक्तों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है, जिससे यह दिन और भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है। आने वाले वर्षों में, इस दिन की महत्वता और बढ़ने की संभावनाएं हैं।



