Badrinath Dham 2026: कल सुबह 6:15 बजे खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, पुष्प शृंगार-अखंड ज्योति के होंगे दर्शन

बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि और समय
उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम के कपाट 2026 में 30 अप्रैल को सुबह 6:15 बजे खोलने की घोषणा की गई है। इस अवसर पर श्रद्धालुओं को पुष्प शृंगार और अखंड ज्योति के दर्शन का अवसर मिलेगा। यह जानकारी बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति द्वारा दी गई है।
धाम के महत्व और श्रद्धालुओं का उत्साह
बद्रीनाथ धाम, चार धामों में से एक है और इसे भगवान विष्णु का निवास स्थान माना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। कपाट खुलने की तिथि की घोषणा के साथ ही, श्रद्धालुओं में एक उत्साह का माहौल है। पिछले वर्ष भी धाम के कपाट खुलने पर बड़ी संख्या में भक्तों ने यहां पहुंचकर पूजा-अर्चना की थी।
पुष्प शृंगार और अखंड ज्योति के दर्शन
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के दिन विशेष पूजा-अर्चना के साथ भगवान के पुष्प शृंगार का कार्यक्रम होगा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं को अखंड ज्योति के दर्शन भी होंगे, जो कि धाम की धार्मिक महत्ता को और बढ़ाते हैं। इस अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में स्थानीय लोग भी शामिल होंगे और भव्यता का अनुभव करेंगे।
पिछले साल की घटनाएं और इस साल का प्रभाव
पिछले साल, बद्रीनाथ धाम में भीड़ भले ही देखी गई हो, लेकिन इस साल उम्मीद की जा रही है कि संख्या और भी अधिक होगी। कोविड-19 के बाद से यात्रा में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, जिससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में जबरदस्त वृद्धि होगी।
विशेषज्ञों की राय
धार्मिक विशेषज्ञ और हिमालयी संस्कृति के जानकार डॉ. अरविंद पांडे का कहना है, “बद्रीनाथ धाम का कपाट खुलना केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक महत्व भी रखता है। यह पर्यटन को भी बढ़ावा देता है और स्थानीय अर्थव्यवस्था में सुधार लाता है।”
आगे का नजरिया
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद, उम्मीद की जा रही है कि श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय व्यवसायों को भी मजबूती मिलेगी। इसके अलावा, सुरक्षा और सुविधाओं के दृष्टिकोण से भी प्रशासन ने तैयारी कर ली है। यदि पिछले वर्षों की तुलना करें, तो इस वर्ष यात्रा को लेकर उत्साह और भी अधिक दिखाई दे रहा है।


