ताज़ा खबर

छत्रपति हत्याकांड: राम रहीम को मिली राहत

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय ने पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्या मामले में डेरा सच्चा सौदा के मुखी गुरमीत राम रहीम को बरी कर दिया है, जबकि तीन अन्य दोषियों की सजा बरकरार रखी है। यह फैसला 24 साल पुराने मामले में आया है, जिससे पूरे देश में हलचल मच गई है।

क्या हुआ?

रामचंद्र छत्रपति, जो कि एक प्रसिद्ध पत्रकार थे, की हत्या 2002 में हुई थी। यह मामला तब की चर्चित घटनाओं में से एक था, जब उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ कई लेख लिखे थे। उच्च न्यायालय ने 18 अक्टूबर 2023 को अपना फैसला सुनाया जिसमें राम रहीम को हत्या का दोषी नहीं पाया गया।

कब और कहां हुआ?

यह मामला 24 साल पहले, 2002 में हरियाणा के सिरसा जिले में हुआ था। रामचंद्र छत्रपति की हत्या के बाद, उनके परिवार ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग की थी।

क्यों हुआ और कैसे?

रामचंद्र छत्रपति ने डेरा सच्चा सौदा की गतिविधियों के खिलाफ रिपोर्टिंग की थी, जिससे डेरा के अनुयायियों में असंतोष पैदा हुआ। उनकी हत्या को लेकर कई आरोपी गिरफ्तार हुए थे, जिनमें से राम रहीम भी एक प्रमुख नाम था। लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे बरी कर दिया, जिससे सीबीआई को बड़ा झटका लगा।

“हमारे लिए यह अत्यंत निराशाजनक है। न्याय का यह निर्णय सभी पत्रकारों के लिए एक चिंता का विषय है,” पत्रकारों के संगठन के प्रवक्ता ने कहा।

इस मामले में तीन अन्य दोषियों की सजा बरकरार है, जो रामचंद्र छत्रपति की हत्या में शामिल थे। उनके खिलाफ साक्ष्य और गवाहों के बयान ने उन्हें दोषी ठहराने में मदद की।

भविष्य की ओर नजर

इस फैसले ने न्याय प्रणाली पर सवाल उठाए हैं। क्या एक प्रभावशाली व्यक्ति को अपने अनुयायियों के बल पर बचाव मिल सकता है? यह सवाल समाज के विभिन्न वर्गों में चर्चा का विषय बन गया है। आगामी दिनों में, इस मामले में फिर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है, जिससे एक नई कानूनी लड़ाई शुरू हो सकती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Related Articles

Back to top button