Harish Rana का निधन: ‘रोइए मत, वह अब एक अच्छी जगह पर है’, 13 साल की पीड़ा और आंसुओं में डूबी विदाई; अंग दान होंगे

क्या हुआ?
देश के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और मानवाधिकार रक्षक हरिश राणा का निधन हो गया है। उनकी मृत्यु ने न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे समाज को गहरे सदमे में डाल दिया है। हरिश राणा पिछले 13 वर्षों से गंभीर बीमारी का सामना कर रहे थे, जो उनकी सेहत को धीरे-धीरे कमजोर कर रही थी।
कब और कहां?
हरिश राणा का निधन 11 अक्टूबर 2023 को हुआ। उन्हें एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने उनके जीवन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे।
क्यों और कैसे?
हरिश राणा की मृत्यु का कारण उनकी दीर्घकालिक बीमारी बताई जा रही है, जिससे उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया। उनके परिवार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से उनकी स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। वहीं, अंतिम समय में उन्होंने अपने अंगों का दान करने का निर्णय लिया, जिससे उनकी मृत्यु के बाद भी उनका योगदान समाज के लिए जारी रहेगा।
किसने किया विदाई?
हरिश राणा की अंतिम विदाई उनके परिवार और दोस्तों के बीच भावुक माहौल में हुई। उनके समर्थकों ने भी बड़ी संख्या में इस अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अंतिम संस्कार के समय उनकी पत्नी ने कहा, ‘रोइए मत, वह अब एक अच्छी जगह पर है।’ उनके ये शब्द सभी के लिए एक प्रेरणा बने।
पृष्ठभूमि और प्रभाव
हरिश राणा का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने समाज में कई मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई, जैसे मानवाधिकारों का उल्लंघन, महिलाओं के अधिकार और बाल श्रम। उनकी अनुपस्थिति से समाज में एक बड़ा शून्य पैदा हुआ है। उनके समर्थक और समाज के लोग उनके कार्यों को याद करेंगे और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे।
विशेषज्ञ की राय
मानवाधिकार कार्यकर्ता डॉ. सीमा मल्होत्रा ने कहा, ‘हरिश राणा ने समाज के लिए जो किया, वह अनुकरणीय है। उनकी कमी को कभी नहीं भरा जा सकेगा। लेकिन हमें उनके कार्यों को आगे बढ़ाना होगा।’ उनकी बातें इस बात को दर्शाती हैं कि हरिश राणा का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
आगे का क्या?
हरिश राणा के निधन के बाद उनके अनुयायी उनके कार्यों को जारी रखने का संकल्प ले रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर उनके विचारों को फैलाने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में उनके द्वारा शुरू किए गए अभियानों को और भी गति मिलेगी।



