जलुकबारी सीट से सातवीं बार चुनावी मैदान में उतरे हिमंत बिस्वा सरमा, रोड शो के बाद किया नामांकन

असम विधानसभा चुनाव 2024: असम के जलुकबारी सीट से भाजपा के प्रमुख नेता हिमंत बिस्वा सरमा ने अपनी चुनावी यात्रा की शुरुआत करते हुए रोड शो किया और फिर नामांकन पत्र दाखिल किया। यह उनकी चुनावी राजनीति में सातवीं बार उतरे जाने का अवसर है। उनके इस कदम ने असम की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
क्या और कब हुआ?
हिमंत बिस्वा सरमा ने यह रोड शो 15 अक्टूबर 2023 को किया, जिसमें हजारों समर्थकों ने हिस्सा लिया। यह रोड शो जलुकबारी के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरा, जहां उन्होंने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा। बाद में, उन्होंने चुनाव आयोग के कार्यालय में जाकर अपना नामांकन पत्र भरा।
क्या है जलुकबारी सीट का महत्व?
जलुकबारी सीट असम विधानसभा का एक महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र है, जहां से सरमा पिछले कई वर्षों से चुनाव लड़ते आ रहे हैं। इस क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें फिर से मैदान में उतारा है। सरमा की सोच है कि इस बार भी वह जनता का विश्वास जीतने में सफल होंगे।
हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर
हिमंत बिस्वा सरमा ने भाजपा में शामिल होकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने असम के शिक्षा मंत्री के रूप में कार्य किया और बाद में गृह मंत्री का पद संभाला। उनके कार्यकाल में असम में कई विकास परियोजनाएं शुरू हुई हैं, जिससे उनकी छवि एक प्रभावशील नेता के रूप में बनी है।
जनता पर इसका क्या असर होगा?
हिमंत बिस्वा सरमा का चुनावी मैदान में उतरना असम की राजनीति पर गहरा असर डाल सकता है। यदि वे फिर से जीतते हैं, तो यह भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण जीत होगी और पार्टी की स्थिति को मजबूत करेगा। वहीं, यदि वे हारते हैं, तो यह उनके लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सतीश शर्मा का कहना है, “हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता और पार्टी का संगठनात्मक ढांचा उन्हें जीत दिला सकता है। लेकिन, विपक्षी पार्टियों को भी इस बार गंभीरता से लेना होगा।”
आगे क्या होगा?
असम विधानसभा चुनाव 2024 की तैयारी जोरों पर है। अब जबकि हिमंत बिस्वा सरमा ने नामांकन दाखिल कर दिया है, तो उनकी चुनावी रणनीतियों और उनके द्वारा किए जाने वाले वादों पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। अगले कुछ हफ्तों में जैसे-जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आएगी, राजनीतिक माहौल और भी गर्म होगा।



