JASSM-ER मिसाइल: 965 किमी दूर से घातक वार, ट्रंप ने पैसिफिक से ईरान को ‘स्टोन एज’ में भेजने के लिए मंगवाया जख…

क्या है JASSM-ER मिसाइल?
JASSM-ER (Joint Air-to-Surface Standoff Missile-Extended Range) एक अत्याधुनिक मिसाइल है, जिसे अमेरिकी वायुसेना द्वारा विकसित किया गया है। यह मिसाइल अपने लक्ष्य को 965 किलोमीटर दूर से निशाना बना सकती है, जिससे यह अपने क्षेत्र में एक शक्तिशाली हथियार बन जाती है। इसकी विशेषता यह है कि यह न केवल प्रभावी है, बल्कि इसे दुश्मन की वायु रक्षा से बचे रहकर भी लॉन्च किया जा सकता है।
कब और कहां से मंगाई गई?
हाल ही में, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिसाइल को पैसिफिक क्षेत्र से ईरान के खिलाफ उपयोग के लिए मंगवाया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ईरान की सैन्य गतिविधियों में तेजी आई है और अमेरिका ईरान को एक चेतावनी देना चाहता है। यह आदेश ट्रंप प्रशासन के अंतिम दिनों में दिया गया था, जो कि कई विवादों के बीच आया था।
ईरान पर इसका प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, JASSM-ER मिसाइल का उपयोग ईरान के खिलाफ एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम हो सकता है। ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के लिए यह एक मजबूत संकेत है। कई विश्लेषकों का मानना है कि इस मिसाइल के माध्यम से अमेरिका ईरान को ‘स्टोन एज’ में भेजने का इरादा रखता है। यह ईरान की तकनीकी और सैन्य शक्ति को चुनौती देने का एक प्रयास है।
आम जनता पर क्या असर होगा?
इस तरह के सैन्य कार्रवाइयों का आम जनता पर सीधा असर होता है। युद्ध के डर से बाजार में उथल-पुथल मच सकती है, और इससे वैश्विक तेल की कीमतें भी प्रभावित हो सकती हैं। आम जनता में सुरक्षा की भावना भी प्रभावित हो सकती है, जिससे तनाव बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की राय
दुनिया के कई सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की मिसाइल प्रणाली का उपयोग एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। प्रसिद्ध सुरक्षा विश्लेषक डॉ. आर्यन शर्मा का कहना है, “JASSM-ER का एकमात्र उद्देश्य दुश्मन को कमजोर करना है, लेकिन इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं।”
आगे क्या हो सकता है?
आगामी दिनों में, यह देखना होगा कि ईरान इस स्थिति का कैसे जवाब देता है। क्या वे अमेरिका की इस कार्रवाई का जवाब देंगे या फिर एक बार फिर से बातचीत की मेज पर लौटेंगे? इस घटना का अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी गहरा असर पड़ेगा, और खासकर मध्य पूर्व में स्थिति और भी जटिल हो सकती है।



