‘वर्ल्ड कप से ज्यादा पिता की जरूरत थी!’ जितेश शर्मा ने टीम से बाहर होने और पिता को खोने का दर्द साझा किया
पिता के खोने का दर्द
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे जितेश शर्मा ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने कहा, ‘वर्ल्ड कप से ज्यादा मुझे अपने पिता की जरूरत थी।’ यह बातें उन्होंने तब कहीं जब वह भारतीय क्रिकेट टीम से बाहर हुए और अपने पिता को खोने का गहरा अनुभव साझा किया।
क्या हुआ?
जितेश शर्मा, जो हाल ही में भारतीय टीम का हिस्सा रहे थे, को विश्व कप 2023 के लिए अंतिम टीम में शामिल नहीं किया गया। इस घटना ने उन्हें गहरे मानसिक सदमे में डाल दिया। लेकिन इससे भी बड़ा सदमा उन्हें तब लगा जब उनके पिता का निधन हो गया। जितेश ने अपने दर्द को साझा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत जीवन में परिवार का महत्व किसी भी खेल या प्रतियोगिता से कहीं अधिक है।
कब और कहां?
जितेश ने अपने पिता के निधन की खबर को लेकर सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने अपने पिता के साथ बिताए गए समय की यादें ताजा की और बताया कि कैसे वह हमेशा उनके लिए प्रेरणा स्रोत रहे। यह घटना पिछले हफ्ते की है, जब विश्व कप के लिए टीम का चयन किया गया था।
क्यों हुआ ऐसा?
जितेश का मानना है कि खेल के मैदान पर सफलता हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन व्यक्तिगत जीवन में परिवार का साथ सबसे ज्यादा मायने रखता है। उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके खेल में योगदान दिया। जब वह खुद को टीम से बाहर पाते हैं, तो उन्हें अपने पिता की याद आती है जिससे उन्हें मानसिक संबल मिलता था।
कैसे प्रभावित हुआ?
इस घटना से न केवल जितेश बल्कि उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों को भी गहरा दुख हुआ है। जितेश ने इस दुखद पल को साझा करते हुए कहा कि पिता के बिना उन्हें किसी भी प्रतियोगिता में जाने का मन नहीं कर रहा। यह घटना उनके करियर पर भी असर डाल सकती है, क्योंकि मानसिक स्वास्थ्य का क्रिकेट में बहुत बड़ा योगदान होता है।
विशेषज्ञों की राय
इस विषय पर बात करते हुए खेल मनोवैज्ञानिक डॉ. समीर ने कहा, ‘परिवार का समर्थन किसी भी एथलीट के लिए महत्वपूर्ण होता है। जब कोई खिलाड़ी मानसिक तनाव में होता है, तो उसके प्रदर्शन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। जितेश का यह बयान इस बात को दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहिए।’
आगे क्या हो सकता है?
जितेश शर्मा के लिए यह एक कठिन दौर है, लेकिन उम्मीद की जानी चाहिए कि वह इस दुःख को पार कर फिर से क्रिकेट के मैदान पर लौटेंगे। उनके फैंस और क्रिकेट प्रेमियों को उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार है। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों को मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता है और परिवार के साथ समय बिताना कितना महत्वपूर्ण है।



