जम्मू-कश्मीर विधानसभा में खामेनेई के पोस्टर लहरा रहे विधायकों से धक्का-मुक्की, बवाल मचा

क्या हुआ?
जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को एक अप्रत्याशित घटना घटित हुई जब कुछ विधायकों ने ईरानी नेता अली खामेनेई के पोस्टर लहराए। इस पर सदन में हंगामा खड़ा हो गया। विधायकों के बीच धक्का-मुक्की हुई और स्थिति नियंत्रण से बाहर गई। इस घटना ने विधानसभा की कार्यवाही को बाधित किया और कई विधायकों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला।
कब और कहां हुआ?
यह घटना जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 25 अक्टूबर 2023 को हुई। इस दिन सदन में कई मुद्दों पर चर्चा होनी थी, लेकिन अचानक खामेनेई के पोस्टरों के साथ कुछ विधायकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्यों हुआ ऐसा?
विधानसभा में खामेनेई के पोस्टर लहराने का मुख्य कारण ईरान के मामलों और उसके प्रभाव को लेकर विरोध जताना था। विपक्षी दल के विधायकों का मानना है कि भारत को ईरान की नीतियों के प्रति अधिक सजग रहना चाहिए। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि यह प्रदर्शन सरकार की विदेश नीति के खिलाफ था।
कैसे हुआ बवाल?
जैसे ही विधायकों ने खामेनेई के पोस्टर लहराए, सदन में कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया। इससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। चिल्लाने-चिल्लाने के साथ ही कुछ विधायकों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इसका आम लोगों पर असर
इस घटना का आम लोगों पर गहरा असर पड़ सकता है। राजनीतिक अस्थिरता और विरोध के ऐसे प्रदर्शन राज्य की प्रशासनिक स्थिति को प्रभावित कर सकते हैं। इससे नागरिकों के बीच में भी असंतोष की भावना बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राधिका शर्मा का कहना है, “यह घटना भारत की राजनीति में एक नया मोड़ है। इससे यह साबित होता है कि राजनीतिक दल अब अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को भी घरेलू राजनीति में शामिल करने लगे हैं।”
आगे क्या हो सकता है?
आगे की राजनीतिक घटनाओं में विधानसभा की कार्यवाही को प्रभावित करने वाले कई मुद्दे उठ सकते हैं। यदि विपक्षी दल इस तरह के प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो सरकार को अपनी विदेश नीति पर पुनर्विचार करना पड़ सकता है। इसके अलावा, आगामी विधानसभा चुनावों में इसका असर भी देखने को मिल सकता है।



