पीरियड से पहले मूड बदलाव के कारणों की जानकारी, डॉ. प्रियंका त्रिवेदी ने किया स्पष्ट

पीरियड से पहले मूड में बदलाव: एक सामान्य समस्या
महिलाओं के लिए मासिक धर्म एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन इसके पहले कई महिलाएं मूड स्विंग्स का अनुभव करती हैं। यह समस्या केवल कुछ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि अधिकांश को प्रभावित करती है। हाल ही में, प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका त्रिवेदी ने इस विषय पर प्रकाश डाला और बताया कि ऐसा क्यों होता है।
क्या हैं मूड स्विंग्स?
मूड स्विंग्स का मतलब है कि व्यक्ति का मूड अचानक बदल जाता है। यह कई कारणों से हो सकता है, लेकिन पीरियड से पहले के दिनों में हार्मोनल परिवर्तन इसके मुख्य कारणों में से एक है।
कब और क्यों होता है यह बदलाव?
पीरियड से एक या दो सप्ताह पहले, शरीर में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्तर बदलने लगता है। डॉ. त्रिवेदी के अनुसार, ये हार्मोन मूड के साथ-साथ शारीरिक स्थिति पर भी प्रभाव डालते हैं। जैसे-जैसे पीरियड नजदीक आता है, ये हार्मोन का स्तर गिरने लगता है, जिससे महिलाएं चिड़चिड़ापन, उदासी या थकान महसूस कर सकती हैं।
कहाँ होता है यह बदलाव?
यह बदलाव केवल मानसिक स्तर पर नहीं होता, बल्कि शारीरिक स्तर पर भी महसूस किया जाता है। महिलाएं अपने काम, परिवार और सामाजिक जीवन में भी इस बदलाव का अनुभव करती हैं।
कैसे प्रबंधित करें मूड स्विंग्स?
डॉ. त्रिवेदी ने सुझाव दिया कि महिलाओं को अपने मूड स्विंग्स को प्रबंधित करने के लिए ध्यान, योग और नियमित व्यायाम करना चाहिए। इसके अलावा, उचित आहार भी महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञ की राय
डॉ. त्रिवेदी ने कहा, “महिलाओं को अपने शरीर को समझना चाहिए और हार्मोनल बदलावों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यह सामान्य है और इससे निपटने के लिए सही उपाय करने की आवश्यकता है।”
आगे क्या हो सकता है?
भविष्य में, अधिक महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करेंगी और इसे सामान्य समझा जाएगा। इससे न केवल उन्हें बेहतर सहायता मिलेगी, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भी इस पर और शोध किए जाएंगे।



