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NoVoice मालवेयर: 23 लाख बार डाउनलोड हुए ऐप्स में पाया गया खतरनाक वायरस

क्या है NoVoice मालवेयर?

हाल ही में सुरक्षा अनुसंधानकर्ताओं ने एक नए मालवेयर का पता लगाया है, जिसे NoVoice के नाम से जाना जाता है। यह मालवेयर 23 लाख बार डाउनलोड किए गए विभिन्न ऐप्स में छिपा हुआ है, जिससे उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी और डिवाइस की सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

कब और कहां मिला यह खतरा?

NoVoice मालवेयर की पहचान अक्टूबर 2023 में हुई, जब साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने मोबाइल ऐप्स की सुरक्षा जांच की। यह मालवेयर मुख्य रूप से Android ऐप्स में पाया गया है, जो कि Google Play Store पर उपलब्ध थे।

क्यों है यह मालवेयर खतरनाक?

NoVoice मालवेयर कई कारणों से खतरनाक है। यह उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी, जैसे कि पासवर्ड और बैंकिंग विवरण, चुरा सकता है। इसके अलावा, यह डिवाइस को भी नियंत्रित करने की क्षमता रखता है, जिससे हैकर्स को डिवाइस का पूरा नियंत्रण मिल सकता है।

कैसे काम करता है NoVoice मालवेयर?

यह मालवेयर खुद को ऐप के अंदर छिपा लेता है और उपयोगकर्ता की गतिविधियों पर नजर रखता है। यह तब सक्रिय होता है जब उपयोगकर्ता ऐप का उपयोग कर रहा होता है, और इसकी गतिविधियों को छुपाने के लिए यह आवाज पहचान की तकनीक का उपयोग करता है।

किसने इस मालवेयर का पता लगाया?

यह खतरनाक मालवेयर एक प्रमुख साइबर सुरक्षा फर्म द्वारा खोजा गया है, जिसने अपने अनुसंधान में यह पाया कि कई लोकप्रिय ऐप्स में यह वायरस छिपा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मालवेयर के माध्यम से हैकर्स ने लाखों उपयोगकर्ताओं को प्रभावित किया है।

इसका आम लोगों पर प्रभाव

NoVoice मालवेयर का प्रभाव बहुत गंभीर हो सकता है। यदि उपयोगकर्ता इस मालवेयर से प्रभावित होते हैं, तो उनकी व्यक्तिगत जानकारी चोरी हो सकती है, जिससे वित्तीय नुकसान और पहचान की चोरी का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि उपयोगकर्ता सतर्क रहें और अपने ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करें।

विशेषज्ञों की राय

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि NoVoice मालवेयर का पता लगाना एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इससे बचने के लिए उपयोगकर्ताओं को ज्ञान और सतर्कता की आवश्यकता है। एक विशेषज्ञ ने कहा, “उपयोगकर्ताओं को हमेशा विश्वसनीय स्रोतों से ऐप डाउनलोड करने चाहिए और अपने डिवाइस की सुरक्षा सेटिंग्स को नियमित रूप से जांचना चाहिए।”

आगे क्या हो सकता है?

आगे चलकर, साइबर सुरक्षा फर्में इस मालवेयर के खिलाफ और अधिक सुरक्षा उपायों का विकास कर सकती हैं। उपयोगकर्ताओं को भी इस प्रकार के खतरों से अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा सकते हैं। इसके अलावा, Google और अन्य ऐप स्टोर अपने प्लेटफार्मों पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत कर सकते हैं।

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Ananya Singh

अनन्या सिंह टेक्नोलॉजी और डिजिटल दुनिया की जानी-मानी पत्रकार हैं। IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में ग्रैजुएशन के बाद उन्होंने टेक पत्रकारिता में कदम रखा। AI, स्मार्टफोन, गैजेट्स और साइबर सुरक्षा उनकी विशेषज्ञता है।

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