Parliament Budget Session 2026 Live: आज ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर वोटिंग, लोकसभा में हंगामा

ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर वोटिंग
आज भारतीय संसद का बजट सत्र अपने चरम पर है, जहाँ लोकसभा में ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर वोटिंग हो रही है। यह प्रस्ताव विपक्ष द्वारा लाया गया है, जिसमें बिरला के कार्यकाल और उनकी अध्यक्षता पर सवाल उठाए गए हैं। कुछ सांसदों का कहना है कि बिरला ने सदन के संचालन में निष्पक्षता नहीं दिखाई है।
आज की घटनाएँ
रविवार, 15 अक्टूबर 2026 को, जब संसद में वोटिंग की प्रक्रिया शुरू हुई, तो हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही को चलाना एक चुनौती बन गया। विपक्षी पार्टियों के सांसदों ने बिरला के खिलाफ नारेबाजी की और उनके इस्तीफे की मांग की। इस दौरान, सत्तापक्ष ने इस प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया।
पार्श्वभूमि और राजनीतिक संदर्भ
ओम बिरला पिछले तीन वर्षों से लोकसभा अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कई बार विपक्षी दलों ने उनके निर्णयों पर सवाल उठाए हैं। पिछले सत्र में, जब कृषि कानूनों को लेकर संसद में हंगामा हुआ था, तब बिरला ने सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित किया था, जिसके चलते उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।
लोगों पर प्रभाव
इस प्रस्ताव का आम जनता पर क्या प्रभाव पड़ेगा? यदि बिरला को हटाया जाता है, तो यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होगा, जो संसद के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर चर्चाएँ पैदा करेगा। इसकी वजह से सरकार और विपक्ष के बीच की खाई और बढ़ सकती है। इससे संसद की कार्यवाही भी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि नए अध्यक्ष का चुनाव एक समय लेने वाली प्रक्रिया हो सकती है।
विशेषज्ञों की राय
राजनीतिक विश्लेषक डॉ. अनिल शर्मा का कहना है, “यदि ओम बिरला हटाए जाते हैं, तो यह केवल उनके लिए नहीं, बल्कि पूरे लोकसभा के लिए एक बड़ा बदलाव होगा। यह सरकार की स्थिरता पर भी सवाल उठाएगा।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे प्रस्तावों का आना यह दिखाता है कि विपक्ष सत्ता को चुनौती देने के लिए तत्पर है।
आगे क्या हो सकता है?
आगामी समय में, यदि बिरला को हटाया जाता है, तो सत्तापक्ष को नए अध्यक्ष के चयन के लिए एक रणनीति बनानी होगी। इसके अलावा, विपक्ष को भी इस स्थिति का लाभ उठाने के लिए तैयार रहना होगा। राजनीतिक माहौल और भी गर्मा सकता है, जिससे आगामी चुनावों में असर पड़ सकता है।



