Quad Foreign Ministers Meeting Live: QUAD के केंद्र में होर्मुज, PAK को भी खरी-खरी! जयशंकर-रुबियो ने तीन अहम मुद्दों पर दिया जोर

QUAD की बैठक का महत्व
हाल ही में, QUAD (क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलॉग) के विदेश मंत्रियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्री शामिल हुए। इस बैठक ने वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। विशेष रूप से, होर्मुज जलडमरूमध्य और पाकिस्तान के संदर्भ में चर्चा हुई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि QUAD सदस्य देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
बैठक की तिथियाँ और स्थान
यह बैठक 18 अक्टूबर 2023 को न्यूयॉर्क में आयोजित की गई। इस दौरान, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी सीनेट के सदस्य मार्क रुबियो के साथ मिलकर तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर जोर दिया।
मुख्य मुद्दे और चर्चाएँ
बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “हम सभी को यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि होर्मुज में शांति और स्थिरता बनी रहे, जिससे ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति संभव हो सके।”
दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा पाकिस्तान का था। जयशंकर ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान को अपनी ज़िम्मेदारियों को समझना होगा और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी होगी।”
तीसरे मुद्दे पर चर्चा करते हुए, रुबियो ने QUAD देशों के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सामूहिक सुरक्षा और सहयोग को बढ़ाने के लिए हमें एकजुट होकर काम करने की आवश्यकता है।”
इस बैठक का प्रभाव
QUAD की इस बैठक का आम लोगों और देश पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता से न केवल ऊर्जा की कीमतों में कमी आएगी, बल्कि वैश्विक बाजार में एक सकारात्मक माहौल भी बनेगा। वहीं, पाकिस्तान के संदर्भ में कड़े संदेश से यह संकेत मिलता है कि भारत और उसके सहयोगी देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार ने कहा, “QUAD की यह बैठक दर्शाती है कि भारत और उसके सहयोगी देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि यदि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाता है, तो यह क्षेत्र की स्थिरता के लिए एक सकारात्मक संकेत होगा।
आगे का रास्ता
आने वाले दिनों में, QUAD देशों के बीच और अधिक बैठकें होने की संभावना है, जिससे सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को और बढ़ावा मिलेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष ध्यान देने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आएगी। इसके अलावा, पाकिस्तान को कड़े संदेशों से यह उम्मीद की जा सकती है कि वह अपनी नीतियों में बदलाव लाएगा और आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाएगा। इस प्रकार, QUAD की यह बैठक वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।



