National

आज की ताजा खबर LIVE: सऊदी अरब में शव्वाल का चांद नहीं दिखा, 20 तारीख को मनाई जाएगी ईद

सऊदी अरब में चांद दिखने का इंतज़ार

सऊदी अरब में आज शव्वाल का चांद देखने की उम्मीद थी, लेकिन आज चांद नहीं दिखा। इस वजह से, मुसलमानों के लिए ईद-उल-फितर का त्योहार 20 अप्रैल 2023 को मनाया जाएगा। इस बार की ईद का इंतज़ार पूरे देश में बड़ी शिद्दत से किया जा रहा था, क्योंकि यह रमज़ान के महीने का अंत दर्शाता है।

चांद देखने की प्रक्रिया

हर साल रमज़ान के महीने के बाद शव्वाल का चांद देखने के लिए विशेष समितियाँ बनाई जाती हैं। सऊदी अरब में चांद देखने के लिए स्थानीय समयानुसार शाम 6:30 बजे के आस-पास देखने की कोशिश की जाती है। इस बार, चांद न दिखने की सूचना मिलते ही मुसलमानों में मायूसी छा गई।

पिछले साल की तुलना

पिछले साल 2022 में, शव्वाल का चांद देखने में कोई कठिनाई नहीं आई थी और ईद का त्योहार 3 मई को मनाया गया था। लेकिन इस बार मौसम की वजह से चांद न दिखने की संभावना बढ़ गई। इस घटना ने पिछले वर्षों की याद ताजा कर दी है जब चांद देखने में असफलता ने ईद के उत्सव में देरी की थी।

सामाजिक और धार्मिक प्रभाव

ईद-उल-फितर का त्योहार मुसलमानों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, जब वे एक-दूसरे से मिलते हैं, उपहारों का आदान-प्रदान करते हैं और विशेष व्यंजन बनाते हैं। इस साल चांद न दिखने की वजह से कई परिवारों में निराशा है, लेकिन इसके बावजूद, लोग 20 तारीख को ईद मनाने के लिए तैयार हैं।

एक स्थानीय धार्मिक विद्वान ने कहा, “चांद न दिखने से निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन हमारे लिए यह जरूरी है कि हम अपने धार्मिक अनुष्ठानों का पालन करें और एक दूसरे के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाएं।”

आगे का दृष्टिकोण

20 अप्रैल को मनाई जाने वाली ईद-उल-फितर के लिए लोग पहले से ही तैयारी कर रहे हैं। बाजारों में हलवाईयों ने ईद के विशेष पकवानों के लिए सामग्री जुटाना शुरू कर दिया है। ईद पर पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है, और इस बार भी इसकी कोई कमी नहीं होगी।

इसके अलावा, धार्मिक संगठनों ने लोगों से अपील की है कि वे ईद के दिन एक-दूसरे की मदद करें और ज़रूरतमंदों के लिए दान दें। इससे न केवल त्योहार की खुशी बढ़ेगी, बल्कि समाज में एकता का भी संदेश जाएगा।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Priya Sharma

प्रिया शर्मा एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों की संवाददाता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद वे पिछले 8 वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रही हैं।

Related Articles

Back to top button