स्टॉक मार्केट में गिरावट: ट्रंप की तैयारियों से बाजार में दहशत, 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान, सेंसेक्स 1600 अंक गिरा

हाल के दिनों में वैश्विक वित्तीय बाजारों में उथल-पुथल का माहौल कायम हो गया है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की संभावित राजनीतिक वापसी और उनके चुनावी अभियान ने निवेशकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। इस कारण से भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स में 1600 अंक की गिरावट आई है, जिससे बाजार में लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
क्या हुआ?
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स ने 1600 अंक की गिरावट दर्ज की, जो कि पिछले कुछ वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट में से एक है। इस गिरावट के पीछे मुख्य कारण ट्रंप की राजनीतिक गतिविधियों को माना जा रहा है। निवेशकों को लगता है कि ट्रंप की वापसी से अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अस्थिरता आ सकती है, जिससे वैश्विक बाजारों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
कब और कहां हुआ?
यह गिरावट 12 अक्टूबर 2023 को देखने को मिली, जब ट्रेडिंग के दौरान सेंसेक्स ने 60,000 के स्तर को छोड़ दिया। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इस गिरावट का असर न केवल सेंसेक्स बल्कि निफ्टी पर भी पड़ा, जिसने 500 अंक की गिरावट देखी।
क्यों और कैसे हुआ?
ट्रंप की चुनावी रैलियों और उनके द्वारा की जा रही घोषणाएं निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। उनके पूर्व राष्ट्रपति रहते हुए किए गए कई फैसले, जैसे कि व्यापार युद्ध और कर नीति में बदलाव, ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया था। ऐसे में उनकी वापसी से फिर से अस्थिरता का डर बढ़ गया है। विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका में आर्थिक नीतियां बदल सकती हैं, जिसका असर वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा।
आम जनता पर असर
इस गिरावट का असर आम जनता पर भी पड़ेगा। शेयर बाजार में गिरावट का सीधा असर पेंशन फंड और निवेश योजनाओं पर पड़ता है, जिससे आम आदमी की बचत पर खतरा मंडरा सकता है। यदि बाजार में यह गिरावट स्थायी होती है, तो यह आर्थिक विकास को भी प्रभावित कर सकती है।
विशेषज्ञों की राय
वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए। मशहूर अर्थशास्त्री डॉ. राधिका कुमार ने कहा, “इस समय निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा करनी चाहिए और भारी निवेश से बचना चाहिए। यदि ट्रंप चुनावी राजनीति में आगे बढ़ते हैं, तो हमें बाजार में और अधिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है।”
आगे क्या हो सकता है?
आगे चलकर यदि ट्रंप चुनावी अभियान में आगे बढ़ते हैं, तो निवेशकों को और अधिक सतर्क रहना पड़ सकता है। बाजार की स्थिति को देखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशकों को इस समय अपने निवेश के फैसलों में सावधानी बरतनी चाहिए और बाजार की गतिविधियों पर नज़र रखनी चाहिए।



