Latest News

Us Israel Iran War Live: जयशंकर और अब्बास अराघची के बीच चौथी बार बातचीत, BRICS को लेकर हुई चर्चा

जयशंकर और अराघची के बीच वार्ता का महत्व

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच चौथी बार हुई बातचीत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक नई हलचल पैदा कर दी है। यह वार्ता 15 अक्टूबर 2023 को हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। प्रमुख विषयों में से एक था BRICS समूह का विस्तार और इसके वैश्विक प्रभाव।

बातचीत का समय और स्थान

यह वार्ता भारत के नई दिल्ली में हुई, जहां दोनों नेताओं ने विभिन्न सामरिक और आर्थिक मामलों पर चर्चा की। इस बातचीत का समय भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उस समय हो रहा है जब यूक्रेन-रूस युद्ध और इसराइल-ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

क्यों हुई यह बातचीत?

इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य था दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करना और BRICS समूह के भविष्य पर विचार करना। जयशंकर ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि BRICS एक प्रभावी मंच बने, जो विकासशील देशों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है।” वहीं, अराघची ने कहा कि ईरान भारत के साथ अपने संबंधों को और भी मजबूत करने के लिए तत्पर है।

पिछले घटनाक्रम

इससे पहले, जयशंकर और अराघची के बीच तीन बार वार्ता हो चुकी है, जिसमें पिछले साल की गई वार्ता में ईरान ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया था। पिछले वर्षों में, ईरान ने भारत को अपने प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक के रूप में देखा है, खासकर तेल और गैस के क्षेत्र में।

आम लोगों पर प्रभाव

यह वार्ता केवल राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन पर भी प्रभाव डाल सकती है। यदि भारत और ईरान के बीच संबंध मजबूत होते हैं, तो इससे तेल की कीमतों में स्थिरता आ सकती है, जो आम जनता के लिए फायदेमंद होगा। इसके अलावा, व्यापारिक संबंधों के विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

विशेषज्ञों की राय

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. राधिका शर्मा ने कहा, “भारत की यह पहल न केवल BRICS के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। यह दर्शाता है कि भारत एक मजबूत और स्वतंत्र विदेश नीति को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने यह भी कहा कि इस वार्ता में ईरान के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

आगे क्या हो सकता है?

आने वाले समय में, हम देख सकते हैं कि भारत और ईरान के बीच संबंध और भी मजबूत होते हैं, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और सामरिक संबंधों में बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, BRICS समूह के अन्य देशों के साथ भी भारत की साझेदारी और अधिक मजबूत हो सकती है। ऐसे में यह महत्वपूर्ण होगा कि भारत अपनी रणनीति को सही दिशा में ले जाए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Rajesh Kumar

राजेश कुमार दैनिक टाइम्स के सीनियर रिपोर्टर हैं। 10 वर्षों के अनुभव के साथ वे ब्रेकिंग न्यूज और ताज़ा खबरों पर त्वरित और सटीक रिपोर्टिंग करते हैं। अपराध, दुर्घटना और प्रशासनिक मामलों पर उनकी विशेष पकड़ है।

Related Articles

Back to top button