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प्रधानमंत्री मोदी को NSA अजीत डोभाल पर इतना भरोसा क्यों है? पूर्व डिप्टी एनएसए पंकज सरन ने बताई अंदर की बात

प्रधानमंत्री मोदी और अजीत डोभाल का रिश्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा और विदेश नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। डोभाल को प्रधानमंत्री का करीबी सलाहकार माना जाता है, और उनके निर्णयों पर मोदी का गहरा विश्वास है। यह विश्वास क्यों है, इस पर पूर्व डिप्टी NSA पंकज सरन की हालिया टिप्पणी ने चर्चा को और बढ़ा दिया है।

पंकज सरन का दृष्टिकोण

पंकज सरन ने हाल ही में एक साक्षात्कार में कहा कि डोभाल की कार्यशैली और उनके अनुभव ने उन्हें मोदी का सबसे भरोसेमंद सलाहकार बना दिया है। उन्होंने बताया कि डोभाल का लंबा अनुभव और उनके द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों ने उन्हें एक अद्वितीय स्थिति में ला दिया है। सरन के अनुसार, “डोभाल ने हमेशा देश की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और उनके निर्णयों में एक ठोस रणनीति होती है।”

क्या है डोभाल का योगदान?

अजीत डोभाल ने कई महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों का सामना किया है, जैसे कि पुलवामा हमले के बाद की स्थिति और भारत-चीन सीमा विवाद। उनकी रणनीतियों ने न केवल देश को सुरक्षा प्रदान की है, बल्कि इससे मोदी सरकार को भी मजबूती मिली है। सरन का मानना है कि “डोभाल की कूटनीति ने भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत स्थिति में लाने में मदद की है।”

इसका आम लोगों पर असर

डोभाल और मोदी के बीच का यह विश्वास न केवल राजनीतिक हलकों में बल्कि आम जनता में भी सुरक्षा का एक नया आश्वासन देता है। जब लोग देखते हैं कि उनके नेता एक सक्षम सलाहकार पर भरोसा कर रहे हैं, तो यह उनके मन में सुरक्षा का एक भाव उत्पन्न करता है। यह देश की सुरक्षा नीति में स्थिरता और निरंतरता का संकेत भी है।

आगे क्या हो सकता है?

ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले समय में डोभाल की रणनीतियों का भारत की विदेश नीति और सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ेगा। क्या वे अपने अनुभव का उपयोग कर नई चुनौतियों का सामना कर पाएंगे? भविष्य में, मोदी सरकार को डोभाल की सलाह पर और अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है, खासकर जब वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है।

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Priya Sharma

प्रिया शर्मा एक अनुभवी राष्ट्रीय मामलों की संवाददाता हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर करने के बाद वे पिछले 8 वर्षों से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग कर रही हैं।

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