‘जिसने धुरंधर 2 देखी वो बेवकूफ हैं?’ प्रियदर्शन ने प्रोपेगेंडा कहने वालों को दिया जवाब

प्रियदर्शन का स्पष्ट बयान
हाल ही में प्रियदर्शन ने अपनी नई फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर उठ रहे विवादों का जवाब देते हुए कहा कि जो लोग इसे प्रोपेगेंडा का नाम दे रहे हैं, वे वास्तव में बहुत बेवकूफ हैं। यह बयान उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस में दिया, जहां उन्होंने फिल्म की कहानी और उसके पीछे के संदेश पर जोर दिया। प्रियदर्शन ने कहा, “फिल्म का उद्देश्य समाज में सकारात्मकता फैलाना है, न कि किसी विशेष विचारधारा का प्रचार करना।”
फिल्म का सार और संदेश
फिल्म ‘धुरंधर 2’ एक कॉमेडी-ड्रामा है, जिसमें आज के युवाओं की समस्याओं और उनके समाधान को एक हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाया गया है। प्रियदर्शन ने बताया कि उन्होंने इस फिल्म में सामाजिक मुद्दों को उठाने का प्रयास किया है, जो अक्सर mainstream सिनेमा में नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। फिल्म में प्रमुख भूमिका निभा रहे कलाकारों में से एक ने कहा, “यह फिल्म एक मजबूत संदेश देती है और इसे लोगों ने बहुत पसंद किया है।”
क्यों हो रहा है विवाद?
फिल्म के रिलीज होते ही कुछ समीक्षकों ने इसे प्रोपेगेंडा करार दिया, जिसका प्रियदर्शन ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह आलोचना एकतरफा है और कुछ लोग फिल्म के सच्चे संदेश को समझने में असमर्थ हैं। फिल्म के कंटेंट को लेकर उठे सवालों पर उन्होंने कहा, “यदि कोई व्यक्ति हमारी फिल्म को देखने के बाद भी इस तरह की बातें करता है, तो यह उनकी समझ की कमी है।”
जनता और विशेषज्ञों की राय
फिल्म को लेकर आम दर्शकों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। कुछ दर्शकों ने फिल्म की तारीफ की है, जबकि कुछ ने इसके कथानक पर सवाल उठाए हैं। एक दर्शक ने कहा, “मैंने फिल्म देखी और मुझे लगता है कि इसमें कुछ भी विवादास्पद नहीं था। यह एक मनोरंजक फिल्म है।” वहीं, एक फिल्म समीक्षक ने कहा, “प्रियदर्शन की फिल्में हमेशा से समाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालती आई हैं, और ‘धुरंधर 2’ भी इस परंपरा को आगे बढ़ाती है।”
आगे का रास्ता
प्रियदर्शन का यह बयान इस बात का संकेत है कि वे अपने काम को लेकर कितने गंभीर हैं। हालांकि फिल्म के प्रति विवादों का उठना स्वाभाविक है, लेकिन यह देखने वाली बात होगी कि क्या यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल होती है या नहीं। आने वाले दिनों में फिल्म की लोकप्रियता और दर्शकों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर ही यह तय होगा कि प्रियदर्शन की यह फिल्म इतिहास में कैसे दर्ज होती है।



