युपी से लाइव:- गोरखपुर की प्रगति अग्रवाल CBSE 12वीं में प्रयागराज रीजन की टॉपर, तीन विषयों में मिले 100-100 अंक

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युपी से लाइव:- गोरखपुर की प्रगति अग्रवाल CBSE 12वीं में प्रयागराज रीजन की टॉपर, तीन विषयों में मिले 100-100 अंक

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षा के परिणामों में शहर के मेधावियों का दबदबा है। एकेडमिक ग्लोबल स्कूल जंगलधूषण की 12वीं कक्षा की छात्रा प्रगति अग्रवाल ने 99.4 फीसदी अंक प्राप्त करके सीबीएसई प्रयागराज रीजन में टॉप किया है। प्रगति ने 500 में से 497 अंक हासिल करके कानपुर, लखनऊ प्रयागराज और वाराणसी सहित कई जिलों के मेधावियों को पीछे छोड़ा है। प्रगति ने गणित, भौतिकी व शारीरिक शिक्षा में 100-100 अंक प्राप्त किए हैं। एकेडमिक ग्लोबल स्कूल, जंगलधूषण के ही छात्र अंशुमान सिंह को 12वीं में प्रयागराज रीजन में संयुक्त रूप से चौथा स्थान मिला है। अंशुमान को 98.8 फीसदी अंक मिले हैं। उन्हें 500 में 497 अंक मिले हैं। तीन विषयों में 100-100 अंक हासिल हुए हैं।

10वी के परिणाम

इसी तरह, 10वीं में माउंट लिट्रा जी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुसम्ही बाजार के छात्र रेवंत कुमार राय ने 99 फीसदी अंक प्राप्त किया है। वह प्रयागराज रीजन में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं। एकेडमिक ग्लोबल स्कूल की अवंतिका बरनवाल ने 98.8 फीसदी और आरपीएम एकेडमी की छात्रा कृतिका यादव ने 98.2 फीसदी अंक हासिल किया है।

बेटियां एक बार फिर आगे

सीबीएसई के परीक्षा परिणामों में बेटियों का जलवा कायम है। 10वीं में छात्रों की अपेक्षा .26 फीसदी ज्यादा छात्राएं उत्तीर्ण हुई हैं। 12वीं में 4.88 फीसदी छात्राएं ज्यादा उत्तीर्ण हुई हैं। मेरिट लिस्ट में बेटियों का दबदबा है। प्रगति अग्रवाल प्रयागराज रीजन की टॉपर बनी हैं। 10वीं की मेरिट लिस्ट में कई बेटियों के नाम हैं।

12वीं के नतीजे खराब आए, 18.22 फीसदी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण

सीबीएसई 12वीं की परीक्षा के नतीजे इस बार खराब आए हैं। जिले से 81.78 फीसदी छात्र-छात्राएं ही उत्तीर्ण हो सकी हैं। 18.22 फीसदी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे हैं। 90 फीसदी या उससे ज्यादा अंक पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी कम हुई है। आत्मदीप विद्यालय के प्रिंसिपल राजेश राजा श्रीवास्तव का कहना है कि कोरोना संक्रमण का असर अब नतीजों पर देखने को मिला है। संक्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने ऑनलाइन कक्षाएं की हैं। इससे लिखने की आदत छूट गई। राइटिंग भी खराब हुई है। विद्यार्थी तेजी से नहीं लिख पा रहे हैं। कक्षा की पढ़ाई में लिखने की आदत रहती है, लेकिन ऑनलाइन सिस्टम में ऐसा नहीं है।

 

 

 

 

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