गृह मंत्रालय की कार्रवाई से परेशान NGOs अब 1 सितंबर से आनलाइन दायर कर सकेंगे समीक्षा याचिका

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गृह मंत्रालय की कार्रवाई से परेशान NGOs अब 1 सितंबर से आनलाइन दायर कर सकेंगे समीक्षा याचिका

विदेशी अंशदान विनियमन (संशोधन) अधिनियम (Foreign Contribution (Regulation) Act, FCRA ) के तहत रजिस्टर्ड NGO’s जो गृह मंत्रालय के आदेश से परेशान हैं उनके लिए यह राहत की खबर है। मंत्रालय की ओर से निरस्त या रद्द किए जाने वाले आदेश के खिलाफ गृह सचिव के पास वे आनलाइन समीक्षा याचिका दायर कर सकते हैं। कानून के अनुसार सभी NGOs को विदेशी फंड मिल रहा है जिसे FCRA के तहत रजिस्टर्ड करवाना है।

आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि FCRA के तहत रजिस्टर्ड NGO से जब सवाल किया गया उस तारीख के बाद समीक्षा याचिका एक साल के भीतर ही दायर की जा सकती है। समीक्षा याचिका में पीड़ित NGO को बताना होगा कि वह समीक्षा की अपील क्यों कर रहा है इसके साथ ही समर्थन वाले कागजात भी जमा कराने होंगे। इसके अलावा 3000 रुपये भी जमा करने होंगे वह भी केंद्र सरकार के द्वारा बताए गए भुगतान के तरीके से। इससे पहले यह शुल्क 1000 रुपया था जो डिमांड ड्राफ्ट या बैंकर्स चेक के जरिए भुगतान किया जाना था।

अधिकारियों ने बताया कि पहले सादे कागज पर केंद्रीय गृह सचिव के पास याचिका दी जाती थी लेकिन अब 1 सितंबर से यह आवेदन आनलाइन किया जाएगा। जो भी संगठन समीक्षा याचिका दायर करना चाहते हैं उन्हें अपने आवेदन की कॉपी को स्कैन कर FCRA के वेब पोर्टल (https://fcraonline.nic.in/) पर “Services under FCRA” कॉलम में अपलोड करना होगा। इसके लिए फिजिकल कॉपी दायर करने की कोई जरूरत नहीं। सरकार ने पिछले पांच सालों में करीब 1900 NGOs के FCRA रजिस्ट्रेशन को रद्द कर दिया है। 2021 के अंत तक FCRA- रजिस्टर्ड संस्थानों की संख्या 22,762 थी।

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