जानिए दिल्‍ली के ढोंगी बाबा के चार बड़े राज, पांच राज्‍यों में फैला नेटवर्क

0
85

दिल्ली पुलिस और दिल्ली महिला आयोग की टीम ने रात में रेप के आरोपी Delhi Baba Virendra Dev Ashram में छापेमारी की है. इस आश्रम से 21 लड़कियों को निकाला गया. इन सभी लड़कियों का मेडिकल और कॉउंसलिंग करायी जाएगी. हालांकि लड़कियों का कहना है कि वे अपनी मर्ज़ी से रह रही थीं. इसी बीच बता दें कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीआई को आदेश दिया कि वह उत्तरी दिल्ली स्थित उस आश्रम के संस्थापक तथा प्रमुख का पता लगाए जहां महिलाओं और लड़कियों को कथित तौर पर ‘पिंजरों में जानवरों’ की तरह रखा गया. प्रपंची बाबा Virendra Dev पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसके साथ ही बाबा के कई चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं। इस क्रम कई राज और खुले हैं। हम आपको ढोंगी बाबा के चार बड़े राज बताते हैं, जिसे सुनकर और पढ़कर आप भी दंग रह जाएंगे।

1- कम उम्र की लड़कियां पहली पंसद बाबा की पहली पंसद कम उम्र की लड़कियां होती थी। इसके लिए बाबा तंग परिवार की लड़कियों का चयन करता था। उसके निशाने पर तंग लड़कियां रहती थीं। क्‍यों कि वे उफ नहीं करती थीं। अपने इस प्रयोजन के लिए बाबा का नेटवर्क पूरे देश में फैला रखा था। देशभर में फैले नेटवर्क के जरिए आरोपी कम उम्र की लड़कियों को बहला-फुसला कर आश्रम लाकर उसे बंधक बना लेता था।

2- जिस परिवार में नहीं होते थे, वो निशाने पर इसके अलावा जिन परिवारों में कोई पुरुष सदस्य नहीं होता था उनकी लड़कियों को भी वीरेंद्र के आदमी अपना शिकार बना लेते थे। जब तक परिजन असलियत समझ पाते थे लड़कियों को बहुत गहराई तक भ्रमित कर दिया जाता था।

3- बाबा का जादू इसके बाद ये लड़कियां अपने परिजनों से ही मिलने को राजी नहीं होती थीं। इतना ही नहीं परिजनों की जिद करने पर कई बार वे अपने अभिवावकों पर ही झूठे आरोप लगा देती थीं। इसके चलते पुलिस चाह कर भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाती थी।

4- आश्रम में अंडर ग्राउंड रास्‍ते से बाबा करता था खेल बाबा का आश्रम एक किले की तरह था। इसमें परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। सुरक्षा के लिहाज से बाबा ने आश्रम में अंडर ग्राउंड रास्‍ता बना रखा था। आश्रम के अंदर आगमन के लिए बाबा इस रास्‍ते का इस्‍तेमाल करता था। मुख्‍य आश्रम को भागों में बांटा गया था। मेन आश्रम में युवतियां रहती थी और एक अन्‍य में पुरुष रहते थे। आश्रम से कोई युवती बाहर नहीं जा सकती थी। इसके लिए बाबा ने बाकयादा आश्रम के अंदर सारे इंतजमा कर रखा था। आश्रम के अंदर ही कपड़ा सिलने के लिए टेलर और धोबी का इंतजाम था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here