मुसाफिरो की चाहत:- मनाली-लेह रोड ट्रिप, जानिए यह खासियत जो बनाती हैं आपके सफर को और भी यादगार

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तोउत्तर भारत के शीर्ष में स्थित लेह लद्दाख जहां हर मुसाफिर घूमना चाहता है। कई लोग बाइक के माध्यम से लेह लद्दाख घूमना पसंद करते हैं तो कई फोर व्हील ड्राइव वाहनों में सफर का मजा लेते हैं। 428 किलोमीटर लंबा मनाली-लेह मार्ग दुनिया का सबसे लोकप्रिय व पसंदीदा ट्रिप यूं ही नहीं बना हुआ है। इस मार्ग पर कहीं सेब के हरे भरे पेड़ है तो कहीं आसमान छूते बर्फ से लदे पहाड़ राहगीरों का मन मोह लेते हैं। लेह लद्दाख जाने का सपना हर किसी का होता है। यह दुनिया के मुश्किल रोड ट्रिप में से एक माना गया है। यहां की घाटियों के बीच से सफर काफी मुश्किल साबित होता है। लेकिन रास्ते में दिखने वाली प्राकृतिक खूबसूरती जिंदगी भर के लिए एक नई याद बनकर रहती है।

यूं तो यह मार्ग दिल्ली से लेकर लेह तक रोचक है। लेकिन कुल्लू से इस सफर में अधिक रोचकता बढ़ जाती है। कुल्लू पहुंचते ही सेब के हरे भरे पेड़ देखने को मिलते हैं। मनाली पहुंचते ही बर्फ से लदे रोहतांग जैसे सुंदर पहाड़ देखने को मिलते हैं। मनाली रुकने के बाद जब सुबह आगे बढ़ते हैं तो देश की आधुनिक अटल टनल रोहतांग आपका स्वागत करती है। अटल टनल के पास पहुंचते ही पलक झपकते ही दुनिया बदल जाती है। 10 मिनट के भीतर हरे भरे क्षेत्र से वनस्पति विहीन शीत मरुस्थल लाहुल पहुंचते हैं।

लाहुल पहुंचते ही पर्यटकों की रोचकता और भी बढ़ जाती है, क्योंकि छह हजार फीट की ऊंचाई से सीधे 11 हजार फीट पर जा पहुंचते हैं। छह महीने बर्फ से ढके रहने वाली लाहुल घाटी को पार कर पर्यटक साढ़े 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित बारालाचा दर्रे पर जा पहुंचते हैं। 15580 फीट ऊंचे नकीला, 16500 फीट ऊंचा लाचुंगला दर्रे और साढ़े 17 हजार फीट तांगलांग ला दर्रे में खड़ी ऊंची बर्फ की दीवार मन मोह लेती है।

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