भैंस चराने से लेकर भोजपुरी सुपरस्टार बनने तक का सफ़र… खेसारी लाल यादव की कहानी प्रेरक है!

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भैंस चराने से लेकर भोजपुरी सुपरस्टार बनने तक का सफ़र… खेसारी लाल यादव की कहानी प्रेरक है!

Khesari-lal-yadav बिहार के छपरा जिले के रहने वाले हैं। वह एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखते रखता हैं। एक्टर खेसारी लाल एक दिन परिवार का खर्चा चलाने के लिए दिल्ली में लिट्‌टी की दुकान चलाते थे। वहीं खेसारी लाल का कहना है कि लिट्टी का दुकान करने से पहले दिल्ली में धागा की कटाई करता था। जिसके बाद उनके पापा ने शादी करवा दिया। इसके बाद वे खर्चा चलाने के लिए दिल्ली के ओखला के संजय कॉलोनी में लिट्‌टी का दुकान चलाने लगे। इस काम में पत्नी भी सहयोग करती थी। ये सिलसिला ढाई सालों तक चला। इसी दौरान बीएसएफ की नौकरी लग गई। लेकिन मेरा मन नौकरी में नहीं लगता था। क्योंकि मुझे गाने का बहुत शौक था। इसके बाद मैं नौकरी छोड़कर दिल्ली आ गया। फिर मैंने कुछ पैसे बचाकर एक एलबम निकाला और वह एलबम हिट हो गया। इसके बाद लोग मुझे पहचानने लगे। खेसारी लाल यादव (सत्रुघन यादव) (जन्म १९८६ सिवान, बिहार) भारत के प्रसिद्ध भोजपुरी गायक और अभिनेता हैं।

खेसारी को पहली सफलता अपने भोजपुरी एल्बम ‘माल भेटाई मेला’ से मिली। २०१२ में आई अपनी पहली फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ से वो रातो रात भोजपुरी फिल्म जगत के सितारे बन गए अपनी गायकी में वे अपनी ठेठ देहाती भाषा का उपयोग करते हैं। प्रारम्भ से ही खेसारी लाल लोक गायक और् साथ ही वो एक अच्छे नृतक भी हैं। शुरुआत ने उन्हें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा भोजपुरी गायक बनने के लिए पैसो का होना बहुत जरुरी था पैसो को इकठ्ठा करने के लिए उन्हें लिट्टी चोखा बेचने पड़ा इसके लिए उन्होंने अपनी फ़ोर्स की बड़ी नौकरी छोड़ दी कुछ सालो बाद उन्होंने भोजपुरी एल्बम में गाना शुरू किया जहाँ उन्हें उ. प . , बिहार व झारखण्ड और जहाँ भोजपुरी बोली जाती है उनके गीतों बेशुमार प्यार मिला।

उन्होने सेकड़ो भोजपुरी हिट गीत गाए पियवा गए रे हमर सऊदी रे भौजी ,सैयां अरब गइले न ,और सैयां आइबा की न आइबा व लहंगा में मीटर उनके प्रसिद्ध एल्बम गीत है। २०१२ में रिलीज़ हुई उनकी फिल्म ‘साजन चले ससुराल’ ने उन्हें रातों रात भोजपुरी फिल्मों का सुपर स्टार बन दिया इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा उन्होंने पवन सिंह ,दिनेश लाल जैसे कई बड़े अभिनेताओं के साथ काम भी किया है ,संत कबीर नगर के जखिनियाँ ,मेंहदूपार गाव में उनके इस कठिन मेंहनत की सरहना हुई व उनकी फिल्म “साजन चले ससुराल “” बहुत ही हिट रहा| वहीं से उनकी कामयाबी ने सोर मचा दिया| और पूरे गाँव के लोगो ने उनके फिल्म को माँ लेहडा़ वाली सें हिट होने की कामना किए | खेसारी जी को भोजपुरी गायकी की हर विधा में महारत हासिल है।

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